IND vs SL 1st Test गॉल: श्रीलंका के खिलाफ गॉल में होने वाले पहले टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम के सामने पिच और प्लेइंग XI को लेकर कई अहम सवाल हैं। गॉल की पिच आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है, लेकिन इस बार परिस्थितियां कुछ अलग नजर आ रही हैं। भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल के मुताबिक, मैच के शुरुआती दो दिन बल्लेबाजों को फायदा मिल सकता है, जबकि जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ेगा, स्पिन गेंदबाजों की भूमिका बढ़ने की उम्मीद है।
पहले दो दिन बल्लेबाजों के लिए अहम हो सकते हैं
गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच पर इस बार सामान्य से अधिक पानी दिए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में पहले दिन से ही तेज टर्न देखने के बजाय बल्लेबाजों के लिए अपेक्षाकृत बेहतर परिस्थितियां मिल सकती हैं।
मोर्ने मोर्केल का मानना है कि मुकाबला आगे बढ़ने के साथ पिच का स्वभाव बदल सकता है। दूसरे और तीसरे दिन से गेंद के टर्न होने की संभावना बढ़ेगी। ऐसे में भारत के बल्लेबाजों के लिए शुरुआती दो दिनों में मजबूत स्कोर बनाना काफी महत्वपूर्ण होगा।
तीन स्पिनर या तीन तेज गेंदबाज, टीम मैनेजमेंट के सामने बड़ा सवाल
भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी दुविधा गेंदबाजी संयोजन को लेकर है। टीम प्रबंधन तीन स्पिनरों के साथ उतरता है या तीन तेज गेंदबाजों को मौका देता है, इस पर अंतिम फैसला परिस्थितियों को देखकर किया जा सकता है।
बल्लेबाजी में गहराई बनाए रखने के लिहाज से तीन स्पिनरों का विकल्प फिलहाल ज्यादा मजबूत दिखाई दे रहा है। रविंद्र जडेजा का खेलना लगभग तय माना जा रहा है, जबकि कुलदीप यादव भी टीम के स्पिन विभाग में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
तेज गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज की जगह मजबूत नजर आ रही है। दूसरे तेज गेंदबाज के लिए प्रसिद्ध कृष्णा दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं मानव सुथार को मौका मिलने पर वह स्पिन के साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी का विकल्प भी दे सकते हैं।
गेंदबाजों को अनुशासन के साथ गेंदबाजी करने की सलाह
मोर्ने मोर्केल ने भारतीय गेंदबाजों को शुरुआती परिस्थितियों में धैर्य और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया है। अगर भारत को पहले गेंदबाजी करनी पड़ती है, तो सही लाइन और लेंथ पर लगातार गेंदबाजी करना अहम होगा।
भारतीय स्पिन विभाग को लेकर भी टीम कोच काफी आश्वस्त नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि टीम के स्पिन गेंदबाजों की क्षमताएं एक-दूसरे से अलग हैं और वे मिलकर विपक्षी टीम के सभी 20 विकेट हासिल करने की क्षमता रखते हैं।
टॉस और पहली पारी का स्कोर बन सकता है निर्णायक
गॉल की परिस्थितियों को देखते हुए टॉस का महत्व भी काफी बढ़ जाता है। अगर शुरुआती दो दिन बल्लेबाजी के लिए बेहतर रहते हैं, तो पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम बड़ा स्कोर बनाकर मैच पर दबाव बना सकती है।
भारत की कोशिश होगी कि परिस्थितियों को जल्द समझते हुए सही टीम संयोजन के साथ मैदान पर उतरा जाए। पिच जैसे-जैसे बदलेगी, स्पिन गेंदबाजों की भूमिका भी बढ़ सकती है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए बल्लेबाजी में मजबूत शुरुआत और गेंदबाजी में धैर्य, दोनों ही जीत की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
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